रेस्टाेरेंट मालिक को नहीं बनाया आराेपी, उठे सवाल
मामले में सिविल लाइंस पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं। पुलिस ने मौके से पकड़े गए एक कर्मचारी व हुक्का पीते मिले तीन लोगों को तो मुकदमे में नामजद कर दिया, लेकिन रेस्टोरेंट मालिक को आरोपी नहीं बनाया। यह हाल तब जब पूछताछ में कर्मचारी मुकेश ने हुक्कबार मालिक का नाम भी बताया। उसने बताया कि रितिक जायसवाल निवासी चर्चलेन हुक्काबार का मालिक है।
सूत्रों का कहना है कि वह मौके पर नहीं मिला। सवाल यह है कि हुक्काबार संचालित करने वाले पर पुलिस क्यों मेहरबान रही। मामले में एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय का कहना है कि इस बारे में संबंधित से पूछताछ की जाएगी। विवेचना के दौरान हुक्काबार संचालक का नाम मुकदमे में बढ़ाया जाएगा।
रेस्टोरेंट में हो रहा नशे का व्यापार
सिविल लाइंस में इससे पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। रेस्टाेरेंट में कम उम्र के छात्र-छात्राओं को नशा परोसा जा रहा है। यहां भीतर न के बराबर लाइट रहती है और डीजे की धुनों पर नशे में धुत होकर युवा हुक्का पीकर छल्ले उड़ाते हैं। सूत्रों का कहना है कि शनिवार को जब सिविल लाइंस पुलिस ने बैरल हाउस रेस्टोरेंट में छापा मारा तो वहां कुछ छात्राएं भी मौजूद थीं, जिन्हें हिदायत देकर पुलिस ने छोड़ दिया।