civil lines hanuman mandir, prayagraj
- फोटो : प्रयागराज
सिविल लाइंस स्थित शहर के प्रतिष्ठित हनुमत निकेतन मंदिर में कोरोना संक्रमण काल में पुजारियों, कर्मचारियों का मानदेय रोक दिया गया है। इससे पुजारियों समेत दो दर्जन से अधिक कर्मचारी भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। यह आरोप शुक्रवार को हनुमत निकेतन के सचिव व प्रबंधक सच्चिदानंद मिश्र ने लगाया। मंदिर की योगशाला में दोपहर बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने ट्रस्ट के अध्यक्ष बद्री विशाल टंडन और कोषाध्यक्ष न्यायमूर्ति राजेश कुमार पर मनमानी का आरोप लगाया।
मंदिर के प्रबंधक सच्चिदानंद मिश्र व प्रवक्ता एडवोकेट इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि कर्मचारियों का मानदेय न मिलने के साथ ही भंडारा भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि श्रीहनुमत निकेतन प्रयाग ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी 2019 में बनी, जिसमें बद्री विशाल टंडन व कोषाध्यक्ष राजेश कुमार बनाए गए थे। लेकिन दोनों पदाधिकारी मंदिर के अस्तित्व को खत्म करने पर तुले हुए हैं। आठ कर्मचारियों को 15 माह से मानदेय नहीं दिया गया है और 30 कर्मचारियों को बीते मार्च से मानदेय बढ़ाने की घोषणा के बाद भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया है।वार्ता के समय शिव प्रकाश शुक्ला, राज नारायण पांडेय, विनोद पांडेय, हरि प्रसाद दुबे पुजारी, किशोर कुमार मिश्र, उमापति राही सहित अन्य कई लोग थे।
हनुमत निकेतन सभा का पता निकला फर्जी
फर्म्स सोसाइटी एवं चिट्स के सहायक रजिस्ट्रार राजेश कुमार मिश्र ने हनुममत निकेतन सभा को नोटिस जारी किया है। उन्होंने सभा के नवीनीकरण से संबधित अभिलेख प्रस्तुत करने के लिए कहा है। सहायक रजिस्ट्रार केमुताबिक सभा के जिस पते पर नोटिस भेजा गया, उसे यह कहते हुए तामील नहीं कराया जा सका कि वह पता व मकान नंबर मौजूद है ही नहीं। ऐसे में संस्था का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया है। उन्होंने चेताया है कि अगर दो हफ्ते के भीतर सभा की ओर से जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तो पंजीयन निरस्त कर दिया जाएगा।