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Holi 2026 : पापड़-कचरी की खुशबू से महके संगमनगरी के बाजार, होममेड की बहार

Thu, 26 Feb 2026 02:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

रंगों का त्योहार होली अब बस कुछ ही दिन दूर है और संगमनगरी की फिजाओं में इसकी खुमारी साफ दिखने लगी है। बाजार अब न सिर्फ रंगों और पिचकारियों से सजे हैं, बल्कि पापड़-कचरी की सोंधी महक ने खरीदारी का उत्साह दोगुना कर दिया है।
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प्रयागराज में अपने घर की छत पर पापड़ चिप्स बनाती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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रंगों का त्योहार होली अब बस कुछ ही दिन दूर है और संगमनगरी की फिजाओं में इसकी खुमारी साफ दिखने लगी है। बाजार अब न सिर्फ रंगों और पिचकारियों से सजे हैं, बल्कि पापड़-कचरी की सोंधी महक ने खरीदारी का उत्साह दोगुना कर दिया है। इस बार बाजार में खास बदलाव देखने को मिल रहा है, लोग मशीनी उत्पादों के बजाय होममेड पापड़ व व्रत वाले चिप्स पर फिदा हैं।

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लोकनाथ हो या फिर कटरा, तेलियरगंज हो या फिर राजरूपपुर... इन सभी बाजारों में इस बार आलू के पापड़ की मांग सबसे अधिक है। खासतौर पर महिलाओं द्वारा घर में तैयार किए गए पारंपरिक आलू के पापड़ों की खूब बिक्री हो रही है। सिविल लाइंस, चौक, रामभवन, मुट्ठीगंज, अल्लापुर, मुंडेरा, धूमनगंज और कटरा जैसे प्रमुख बाजारों में दुकानों पर घरेलू महिलाओं द्वारा सप्लाई किए गए पापड़ हाथों-हाथ बिक रहे हैं।

ग्राहकों का कहना है कि घर के बने पापड़ों में जो शुद्धता और मसालों का संतुलन होता है, वह पैकेट बंद सामान में नहीं मिलता। अग्रवाल नमकीन के राजू अग्रवाल ने बताया कि होम मेड पापड़ों की डिमांड इतनी है कि दुकान पर आते ही वह हाथों-हाथ बिक जा रहा है। इस वजह से अब एडवांस आर्डर लेकर उसे बनवाया जा रहा है।

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संगम नगरी में दक्षिण भारतीय तड़का

इस बार की होली में सिर्फ उत्तर भारतीय स्वाद ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत का जायका भी घुला हुआ है। बाजारों में दक्षिण भारतीय पापड़ की दर्जनों किस्म मौजूद हैं। इनमें खासतौर पर मसाला राइस पापड़, नारियल फ्लेवर के कुरकुरे पापड़, काली मिर्च और जीरा-युक्त चकरी आदि युवाओं और नए प्रयोग करने वाले खरीदारों को खूब लुभा रही है। लोकनाथ के कारोबारी आशु सचदेवा ने बताया कि दक्षिण भारतीय पापड़ों की पैकिंग भी काफी अच्छी है।

चिप्स, साबूदाना और चावल के पापड़ की भी डिमांड

सिर्फ आलू ही नहीं, साबूदाना और चावल के पापड़ की भी बाजार में खूब डिमांड है। रंग-बिरंगी कचरी और डिजाइनदार चावल के पापड़ बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार आलू चिप्स और साबूदाना पापड़ की बिक्री में करीब 20-25 प्रतिशत का उछाल देखा जा रहा है। कारोबारी दीपक केसरवानी ने बताया कि आलू के चिप्स की भी किस्में अधिक हैं। चिप्स की शुरुआती कीमत 250 से 500 रुपये किलो तक है। वहीं, बच्चों के बीच रंग-बिरंगी कचरी की भारी डिमांड है। मूंग और उड़द के खास मसालेदार पापड़ बनारस और जबलपुर से भी मंगवाए गए हैं।
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