संगम नगरी में दक्षिण भारतीय तड़का
इस बार की होली में सिर्फ उत्तर भारतीय स्वाद ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत का जायका भी घुला हुआ है। बाजारों में दक्षिण भारतीय पापड़ की दर्जनों किस्म मौजूद हैं। इनमें खासतौर पर मसाला राइस पापड़, नारियल फ्लेवर के कुरकुरे पापड़, काली मिर्च और जीरा-युक्त चकरी आदि युवाओं और नए प्रयोग करने वाले खरीदारों को खूब लुभा रही है। लोकनाथ के कारोबारी आशु सचदेवा ने बताया कि दक्षिण भारतीय पापड़ों की पैकिंग भी काफी अच्छी है।
चिप्स, साबूदाना और चावल के पापड़ की भी डिमांड
सिर्फ आलू ही नहीं, साबूदाना और चावल के पापड़ की भी बाजार में खूब डिमांड है। रंग-बिरंगी कचरी और डिजाइनदार चावल के पापड़ बच्चों की पहली पसंद बने हुए हैं। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में इस बार आलू चिप्स और साबूदाना पापड़ की बिक्री में करीब 20-25 प्रतिशत का उछाल देखा जा रहा है। कारोबारी दीपक केसरवानी ने बताया कि आलू के चिप्स की भी किस्में अधिक हैं। चिप्स की शुरुआती कीमत 250 से 500 रुपये किलो तक है। वहीं, बच्चों के बीच रंग-बिरंगी कचरी की भारी डिमांड है। मूंग और उड़द के खास मसालेदार पापड़ बनारस और जबलपुर से भी मंगवाए गए हैं।