ऐसे में नसिकर्म यानी सुबह शाम नाक में तिल या सरसों का तेल डालने के साथ ही तिक्त, कटु और कसाय वाले खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल करना चाहिए। इसी तरह प्रो. जीएस तोमर ने आयुर्वेद में खास तौर से बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए रामबाण साबित हो रहे स्वर्णप्राशन के इस्तेमाल की जानकारी दी। इसके अलावा गाय के घी, तिल के तेल को नाक और मुंह में लगाकर वैक्टीरिया से बचने की भी सलाह दी।
ऐसे में जल्द तैयार होने वाले पिज्जा, बर्गर और मैगी से बचना चाहिए। मौसमी ताजा फलों के साथ ही संतुलित और सुपाच्य आहार लेकर इम्युनिटी बढ़ाई जा सकती है। उनका कहना था कि आयुर्वेद में औषधियों का समय से मात्रानुसार सेवन कर किसी भी तरह के संक्रमण से सुरक्षित रहा जा सकता है। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय धीनपुर अनिल कुमार के अलावा वैद्य आशुतोष मालवीय ने आयुर्वेदिक औषधियों के जरिए कोरोना से पार पाने के उपाय बताए।
संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
-इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बार-बार काढ़ा या चूर्ण की अधिक मात्रा लेने से बचें
-पनीर से बनी सब्जियां, पकौड़े या कटलेट न खाएं
-औषधियों को समय पर उम्र के लिहाज से मात्रानुसार ही सेवन करें
-वायरस से बचने के लिए नाक में सुबह -शाम तिल या सरसों का तेल लगाएं
-संतुलित आहार, पर्याप्त निद्रा और ब्रह्मचर्य का पालन करें
- दिन में सोने से पूरी तरह परहेज करें
- फ्रिज में रखे फल और सब्जियों का सेवन करने से बचें
-जल्द तैयार होने वाले पिज्जा, बर्गर और मैगी जैसे आहार न लें तो ज्यादा बेहतर