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उच्चतर शिक्षा आयोग ने मांगा नेट से छूट का प्रमाण

Fri, 08 Jul 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शिक्षा - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग की ओर से प्रदेश के अशासकीय डिग्री कॉलेजों के लिए चल रही 1150 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के नियमों में संशोधन किया गया है। आयोग के सचिव की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि नेट से छूट चाहने वाले डीफिल, पीएचडी उपाधि धारक अभ्यर्थी जो इस उपाधि के लिए 11 जुलाई 2009 से पूर्व पंजीकृत हैं, उन्हें यूजीसी के नए संशोधन के अनुसार छूट का विवि के कुलपति, प्रति कुलपति, डीन से प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।   आयोग के सचिव की ओर से जारी सूचना में स्पष्ट किया गया है कि यूजीसी द्वारा शिक्षकों एवं अकादमिक स्टाफ की नियुक्ति हेतु उपाय (तीसरे संशोधन), विनिमय-2016 के अनुसार उनकी डीफिल, पीएचडी उपाधि होने संबंधित विवि के कुलपति, प्रति कुलपति, डीन की ओर से परिशिष्ट-3ए पर निर्गत प्रमाण पत्र देना होगा। परिशिष्ट-3ए पोर्टल पर उपलब्ध है। ऐसे डीफिल, पीएचडी उपाधि धारक अभ्यर्थी जिनका पंजीकरण उक्त उपाधि हेतु 11 जुलाई 2009 अथवा उसके पश्चात का है, उन्हें पूर्व व्यवस्था के अनुसार परिशिष्ट-3ए पर कुलसचिव द्वारा निर्गत प्रमाण पत्र देना होगा।
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आयोग के सचिव की ओर से कहा गया है कि ऐसे डीफिल, पीएचडी उपाधिधारक अभ्यर्थी जिन्हें उक्त प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हो पा रहा है उन्हें औपबंधिक रूप से आवेदन करने की अनुमति इस प्रतिबंध के साथ प्रदान की जाती है कि लिखित परीक्षा के बाद साक्षात्कार हेतु आमंत्रित किए जाने पर साक्षात्कार तिथि को उक्त प्रमाण पत्र आयोग कार्यालय में जमा करना होगा, अन्यथा उनका अभ्यर्थन निरस्त माना जाएगा।
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