इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 50 फीसदी अक्षमता वाले अधिकारी को गोरखपुर से वाराणसी एसआईबी मुख्यालय तबादला आदेश पर पुनर्विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संयुक्त उप निदेशक एसआईबी वाराणसी को आदेश मिलने पर दो हफ्ते में निर्णय लेने तथा निर्णय होने तक गोरखपुर से कार्यमुक्त न करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने भानु प्रताप अग्रहरी की याचिका पर दिया है।
याची जम्मू कश्मीर में तैनात था। स्पोंडिलाइटिस बीमारी से पीड़ित हो गया। उसका तबादला 2015 में गोरखपुर कर दिया गया। 2020 जनवरी में उसे पैरालिसिस हो गया। एक व्यक्ति की सहायता की जरूरत पड़ती है। 18 अगस्त 21 को पांच अधिकारियों के तबादले के साथ याची का भी तबादला कर दिया गया।
जिस पर गोरखपुर में बनाए रखने की अर्जी दी। उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया और उसके 31 अगस्त तक कार्य मुक्त करने का निर्देश दिया गया है। जिसपर कोर्ट ने रोक लगाते हुए तबादले पर विचार करने का निर्देश दिया है।