यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड
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बोर्ड परीक्षा की कॉपी चेक करने वाले शिक्षकों का झटका
कोरोना के चलते डेढ़ वर्ष से स्कूल बंद हैं, ऐसे में सबसे अधिक परेशानी में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षक हैं।बोर्ड परीक्षा होने की स्थिति में वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों को परीक्षा में ड्यूटी के साथ उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का अवसर मिल जाता, ऐसे में वह संक्रमण के दौर में कुछ आर्थिक लाभ पा सकते थे। अब परीक्षा निरस्त होने के बाद उनके पास कॉपी जांचने का मौका भी हाथ से चला गया। वित्तविहीन शिक्षकों ने बार-बार सरकार से दूसरे वर्गों की तरह आर्थिक सहायता की मांग की है परंतु कोई सुनवाई नहीं हुई।
यूपी बोर्ड 2021 परीक्षा स्थगित
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शताब्दी वर्ष में बोर्ड परीक्षा परिणाम का टूटेगा रिकार्ड, अबकि 100 फीसदी होंगे पास
यूपी बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त करने के बाद अब इस वर्ष बारहवीं के सभी छात्र-छात्राएं पास हो जाएंगे। यूपी बोर्ड की ओर से 2013 एवं 2014 में जारी इंटरमीडिएट का परिणाम क्रमश: 92.68 और 92.21 फीसदी रहा है। यह परिणाम अब तक का सबसे अच्छा परिणाम कहा जाता है। बोर्ड की ओर से इस बार परीक्षा नहीं कराने के निर्णय के बाद यह रिकार्ड टूट जाएगा। अबकि बोर्ड में सभी परीक्षार्थी पास हो जाएंगे। इस बार परिणाम शत प्रतिशत आएगा। यूपी बोर्ड के इतिहास में शताब्दी वर्ष के मौके पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा नहीं होगी।
सीबीएसई 12 वीं की परीक्षा निरस्त होते ही तय हो गया था नहीं होगी यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा
सीबीएसई, सीआईएसई की ओर से 12 वीं की परीक्षा निरस्त करने के बाद तय हो गया था कि अब यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षा रद्द होगी। सीबीएसई, आईसीएसई की ओर से भले ही एक जून को बारहवीं की परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी हुआ परंतु यूपी बोर्ड की ओर से इससे पहले ही 24 मई को ही इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा रद्द करने की तैयारी हो गई थी। बोर्ड की ओर से 11 वीं के छमाही एवं वार्षिक परीक्षा के अंक मांगे जाने के बाद तय हो गया था कि परीक्षा रद्द होगी।
स्कूलों में नहीं हुई 12वीं छमाही, प्री बोर्ड परीक्षा, कैसे भेजें नंबर- यूपी बोर्ड की से जिला विद्यालय निरीक्षकों से दसवीं और बारहवीं की छमाही, प्री बोर्ड परीक्षा के अंक मांगे गए हैं। बोर्ड एवं सरकार के निर्देश के बाद भी बड़ी संख्या में स्कूलों में प्री बोर्ड परीक्षा नहीं हुई है तो वह बच्चों के नंबर कैसे भेजें। यूपी बोर्ड की ओर से बारहवीं के अंक मांगे जाने के बाद प्रदेश के 32 जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों ने छात्रों के अंक नहीं भेजे। अब इससे साफ हो गया है कि प्रदेश के बड़ी संख्या में स्कूलों में प्री बोर्ड और छमाही परीक्षा नहीं कराई गई है।