10 साल या उससे कम प्रैक्टिस वाले वकील मदद के लिए आवेदन कर सकते है । तय किया गया है कि 5 साल या उससे कम वकालत वाले अधिवक्ता अपने सीनियर के नाम, एडवोकेट रोल नंबर मोबाइल नंबर के साथ आवेदन करेंगे । 5 साल या उससे अधिक मगर 10 साल से कम की वकालत वाले अधिवक्ता पिछले उन 3 मुकदमों का भी विवरण देंगे जो उन्होंने पिछले 6 महीने में किए हैं । इसके अलावा प्रोफार्मा में दिए गए कॉलम भरने होंगे ।
समिति ने निर्णय लिया है कि ऐसे वकीलों को मदद नहीं दी जाएगी जो राज्य सरकार अथवा किसी सरकारी गैरसरकारी निकाय के पैनल में शामिल हैं। जिनके पति अथवा पत्नी सरकारी सेवा में हैं, वो भी मदद पाने के हकदार नहीं होंगे। मदद लेने वाले वकील को यह भी बताना होगा कि वह आयकरदाता है अथवा नहीं या उसने हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से चिकित्सकीय सहायता कभी ली है या नहीं।
वकीलों को प्रोफार्मा के साथ अपना एडवोकेट रोल नंबर, बार कौंसिल का रजिस्ट्रेशन नंबर, हाई कोर्ट बार सदस्यता संख्या, मोबाइल नंबर, बैंक खाता नंबर इत्यादि जरूरी जानकारियां देनी होंगी। कमेटी ने बार के सदस्यों से अनुरोध किया है कि वह अपनी इच्छा और सामर्थ्य के अनुसार बार एसोसिएशन के एडवोकेट वेलफेयर फंड में अनुदान दें।
कमेटी के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह भी निर्णय लिया है कि वह वेलफेयर फंड में 50-50 हज़ार रुपये का अनुदान देंगे। अन्य सदस्यों से भी सहयोग देने की अपील की गई है। कमेटी ने जिलाधिकारी प्रयागराज से अनुरोध किया है एक सामान्य आदेश जारी करें कि किसी भी किराएदार को लॉक डाउन के दौरान मकान से निकाला नहीं जाएगा और यदि वकील ऐसी कोई शिकायत करता है पुलिस पर तत्काल कार्रवाई करें ।
बार से मदद चाहने वाले वकीलों को अपना आवेदन पत्र 24 अप्रैल तक भरकर देना होगा। बैठक में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडे, महासचिव जेपी सिंह, नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह नवनिर्वाचित महासचिव प्रभाशंकर मिश्र और मुख्य स्थायी अधिवक्ता विकास चंद्र त्रिपाठी मौजूद थे।