यह आदेश न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति डी रमेश की खंडपीठ ने दिया है। 10 जुलाई को लोकसेवा आयोग से अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने हाईकोर्ट में व्यक्तिगत हलफनामे संग सीलबंद रिपोर्ट दाखिल कर पीसीएस जे के परिणामों को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया था।
पीसीएस-जे मुख्य परीक्षा-2022 में 50 अभ्यर्थियों की कॉपियां बदले जाने के खुलासे के बाद याची श्रवण पांडे की ओर से सेवा याचिका की सुनवाई जनहित के रूप में किए जाने की मांग पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को हाईकोर्ट में जवाबी हलफनामा दाखिल कर दिया। याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के पेश नहीं हो पाने के कारण कोर्ट ने मामले की सुनवाई 28 अगस्त तक टाल दी है।
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति डी रमेश की खंडपीठ ने दिया है। 10 जुलाई को लोकसेवा आयोग से अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने हाईकोर्ट में व्यक्तिगत हलफनामे संग सीलबंद रिपोर्ट दाखिल कर पीसीएस जे के परिणामों को लेकर स्थिति को स्पष्ट किया था। मामले की संवेदनशीलता के मद्देनजर अदालत ने हलफनामे के तथ्यों के प्रकाशन पर भी रोक लगा दी थी।
हालांकि, पीएमसी जे की मुख्य परीक्षा की कॉपियां बदले जाने के खुलासे का हवाला देते हुए याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी ने पूरक हलफनामे के साथ संशोधन अर्जी दाखिल की थी। साथ ही सेवा मामले की मौजूदा याचिका को जनहित याचिका में तब्दील कर सुनवाई की मांग की गई थी। कोर्ट ने याची की इस मांग को लेकर दाखिल पूरक हलफनामे संग दाखिल संशोधन अर्जी पर उप्र लोक सेवा आयोग से जवाबी हलफनामा तलब किया था।