गाजीपुर में रमजान के दौरान मस्जिद से अजान देने पर रोक के खिलाफ गाजीपुर के सांसद अफजाल के पत्र को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिका के रूप में सुनवाई के लिए रजिस्टर कर लिया है। 30 अप्रैल को चीफ जस्टिस की बेंच इस सुनवाई करेगी। सांसद अंसारी ने लाउडस्पीकर से मस्जिदों में अजान पर रोक लगाने के डीएम गाजीपुर के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
पत्र में सांसद की ओर से कहा गया कि डीएम का आदेश मौलिक अधिकारों का हनन है। कोरोना वायरस महामारी से देश की जनता परेशान है। गाजीपुर का प्रत्येक नागरिक लाकडाउन का पालन कर रहा है। लोग यहां घरों में नमाज पढ़ रहे हैं, लेकिन डीएम ने अपने मौखिक निर्देश से जिले में अजान पर रोक लगा दी है, जो गलत है। पत्र का संज्ञान लेकर हाईकोर्ट से उचित कार्रवाई करने व न्याय की मांग की गई है।
वहीं डीएम गाजीपुर सांसद के पत्र को बेबुनियाद बता रहे हैं। उनका कहना है कि विगत मार्च माह से ही केंद्र सरकार व प्रदेश की सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के तहत किसी भी प्रकार के सामूहिक धार्मिक कार्यक्रम पर रोक लगी हुई है। यह रोक रामनवमी, आम्बेडकर जयंती, ईस्टर व नमाज आदि सारे कार्यक्रम पर है। चूंकि, गाजीपुर में भी कुछ कोरोना के केस मिले थे, इस कारण कहीं पर भी भीड़ न हो इस लिए कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई है। जिले में कहीं भी कोई सामूहिक आयोजन नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार, 30 अप्रैल को चीफ जस्टिस की बेंच इस याचिका पर सुनवाई करेगी।