महाधिवक्ता कार्यालय में लगी आग के बाद जलकर नष्ट हुईं फाइलों को तैयार करने में अब देरी नहीं लगेगी। मुख्य न्यायमूर्ति के आदेश पर फाइलों को तैयार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोर्ट नंबर 16 और 17 में दो फोटोस्टेट मशीन स्थापित कर दी गई है।
महाधिवक्ता कार्यालय में लगी आग के बाद जलकर नष्ट हुईं फाइलों को तैयार करने में अब देरी नहीं लगेगी। मुख्य न्यायमूर्ति के आदेश पर फाइलों को तैयार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से कोर्ट नंबर 16 और 17 में दो फोटोस्टेट मशीन स्थापित कर दी गई है। अब इन फोटोस्टेट मशीनों से मुकदमों की फाइलों की छायाप्रति लेकर रिकॉर्ड तैयार कराया जाएगा।
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यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति ने मुकदमों की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से फाइलों के न होने की दिक्कत को देखते हुए दिया है। मुख्य न्यायमूर्ति की कोर्ट सहित अन्य न्यायमूर्तियों की कोर्ट में भी ऐसी ही शिकायतें प्रतिदिन देखने को मिल रही थीं। इस बारे में मुख्य न्यायमूर्ति ने मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारियों को भी तलब किया था। परेशानी को देखते हुए मुख्य न्यायमूर्ति ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह कोर्ट की फाइलों को लेकर अपना रिकॉर्ड दुरुस्त करे। इस पर यह प्रक्रिया शुरू हुई है।
मुख्य स्थायी अधिवक्ता केआर सिंह और शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि सोमवार को कोर्ट रूम नंबर 16 और 17 में फोटो स्टेट मशीन स्थापित करके रिकॉर्ड दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया है। अब कोर्ट में फाइलों की उपलब्धता न हनकी शिकायत दूर होगी। महाधिवक्ता कार्यालय में आग लगने की वजह से तकरीबन तीन लाख फाइलें जल गई थीं। तबसे यह परेशानी बनी हुई है। फाइलों के न होने से राज्य सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी नहीं हो पा रही थी। इससे मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी। राज्य सरकार ने अपने रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए महाधिवक्ता कार्यालय में चार फोटो स्टेट मशीनें स्थापित की हैं। इसके बावजूद दिक्कतें बनी हुई हैं।