याची के वकील ने अभियुक्तों को निर्दोष बताते हुए तर्क दिया कि राजनीतिक शत्रुता के कारण उसे फंसाया गया है, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि जांच में पाया गया है कि अभियुक्त ने गबन किया है।
हंडिया थानाक्षेत्र के अंतर्गत सरकारी धनराशि के गबन करने के आरोपी ग्राम प्रधान शिव पूजन तिवारी की अग्रिम जमानत अर्जी शनिवार को जिला जज ने खारिज कर दी। यह आदेश सत्र न्यायाधीश नलिन कुमार श्रीवास्तव ने याची के वकील और शासकीय अधिवक्ता गुलाब चंद्र अग्रहरि के तर्कों को सुनकर दिया।
विज्ञापन
गांव के रहने वाले राम शंकर तिवारी ने अभियुक्त के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराई कि ग्राम प्रधान को गांव के विकास एवं निर्माण के लिए 29,69,021 रुपये की धनराशि मिली, किंतु ग्राम प्रधान ने कोई निर्माण कार्य नहीं कराया। जिला विकास अधिकारी एवं प्रोविजन अधिकारी ने इस मामले की जांच की तो गबन करने की बात सही पाई गई। उक्त मामले में छह अन्य आरोपी भी शामिल पाए गए।
इस पर जिलाधिकारी ने उक्त अभियुक्तों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई। याची के वकील ने अभियुक्तों को निर्दोष बताते हुए तर्क दिया कि राजनीतिक शत्रुता के कारण उसे फंसाया गया है, जबकि अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए तर्क दिया कि जांच में पाया गया है कि अभियुक्त ने गबन किया है। मामले के तथ्यों, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीर प्रकृति को देखकर कोर्ट ने अभियुक्त की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।