प्रेमिका की अन्तरंग तस्वीरें उसके परिवार को भेजने वाले वाराणसी जिले के लंका थाने के बलराम जायसवाल की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची द्वारा पीड़िता के विश्वास के साथ विश्वासघात का एक विशेष मामला है।
याची ने अपनी प्रेमिका की पीठ में छुरा घोंपा और उसकेसाथ धोखा किया। यह आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी ने याची बलराम की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़िता ने आरोपी को कुछ विश्वास और समझ के तहत उन तस्वीरों को रखने की अनुमति दी थी, लेकिन याची ने उन तस्वीरों के जरिए छल किया। प्रेमिका द्वारा वाराणसी जिले के लंका थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक दोनों फेसबुक प्लेटफार्म के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में आए और उसके बाद वे एक रिश्ते में आ गए।