कोर्ट ने कहा कि पीड़ित बच्ची ने शब्दों के साथ-साथ संकेतों में भी अपनी आपबीती सुनाई और कथित रूप से आरोपी द्वारा किए गए दुष्कर्म की पूरी घटना को समझाया। इससेपहले याची ने कन्नौज जनपद के विशेष सत्र न्यायाधीश के समक्ष भी अपनी जमानत अर्जी दाखिल की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तीन साल की मासूम के साथ रेप करने वाले 62 वर्षीय व्यक्ति की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि आरोपी ने तीन साल की नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का अमानवीय कृत्य किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की पीठ ने कन्नौज जिले के सुनील कुमार की जमानत अर्जी को खारिज करते हुए दिया है।
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कोर्ट ने कहा कि पीड़ित बच्ची ने शब्दों के साथ-साथ संकेतों में भी अपनी आपबीती सुनाई और कथित रूप से आरोपी द्वारा किए गए दुष्कर्म की पूरी घटना को समझाया। इससेपहले याची ने कन्नौज जनपद के विशेष सत्र न्यायाधीश के समक्ष भी अपनी जमानत अर्जी दाखिल की थी, लेकिन विशेष सत्र न्यायाधीश ने उसकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता ने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए गए अपने बयान में बताया है कि याची ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
हालांकि याची की ओर से तर्क दिया गया कि मामले में उसे झूठा फंसाया गया। मामले में मुकदमा भी पांच दिनों के बाद दर्ज किया गया, क्योंकि वह पीड़ित के पिता के घर में बढ़ईगिरी का काम करता था और वेतन भुगतान पर विवाद हुआ था। कोर्ट ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।