याची कृष्ण गोपाल केअधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी की कार से गांजा की कोई बरामदगी नहीं हुई। इतनी मात्रा में स्विफ्ट डिजायर जैसी छोटी कार में गांजा रखना नामुमकिन है। इसके अलावा रिकवरी के दौरान कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 258 किलोग्राम गांजा रखने के आरोपी को जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की एकल खंडपीठ कर रही थी। कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने ेकेसाथ कई शर्तें भी लगाई हैं।
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याची कृष्ण गोपाल केअधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी की कार से गांजा की कोई बरामदगी नहीं हुई। इतनी मात्रा में स्विफ्ट डिजायर जैसी छोटी कार में गांजा रखना नामुमकिन है। इसके अलावा रिकवरी के दौरान कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है। याची पक्ष के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला भी दिया। कहा कि 681 किलो, 349.250 किलो के गांजा बरामदगी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जमानत दे दी है।
हालांकि, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी ने अपना अपराधा कबूल लिया है। इसलिए उसे जमानत नहीं मिलनी चाहिए। तथ्यों को देखते हुए कोर्ट ने याची की जमानत मंजूर कर ली। आरोपी को कानपुर में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।