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हाईकोर्ट : एसएसपी बताएं किस कानून में बालिग महिला की अभिरक्षा दूसरे बालिग पुरुष को सौंपा

Tue, 08 Feb 2022 01:11 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने एसएसपी से पूछा है कि किन परिस्थितियों में एक बालिग की अभिरक्षा दूसरे बालिग को पुलिस द्वारा अपने बड़े अधिकारियों से पूछ कर सौंप दी गई। एसएचओ को इसकी इजाजत कैसे दे दी गई।
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allahabad high court - फोटो : social media
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसपी बदायूं से दो दिन में व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। उनसे पूछा है कि किस कानूनी अधिकार से थाना प्रभारी वजीरगंज ने एक बालिग महिला की अभिरक्षा दूसरे बालिग पुरुष को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अभिरक्षा सौंपने का अधिकार केवल कोर्ट को ही है। बालिग को अपनी मर्जी से कहीं भी जाने की आजादी है। इस स्वतंत्रता के अधिकार में कटौती नहीं की जा सकती।

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कोर्ट ने एसएसपी से पूछा है कि किन परिस्थितियों में एक बालिग की अभिरक्षा दूसरे बालिग को पुलिस द्वारा अपने बड़े अधिकारियों से पूछ कर सौंप दी गई। एसएचओ को इसकी इजाजत कैसे दे दी गई। कोर्ट ने एसएसपी बदायूं को नौ फरवरी को हर हाल में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। सुनवाई नौ फरवरी को होगी। कोर्ट ने यह आदेश हथरा वजीरगंज के निवासी स्वाले रजा की जमानत अर्जी पर दिया है।



एफआईआर के मुताबिक शिवानी गुप्ता और उसकी बेटी इशिता पुलिस के सामने हाजिर हुई। शिवानी गुप्ता बालिग है। पुलिस ने उसकी अभिरक्षा याची स्वाले रजा को सौंपने का आदेश जारी किया। दर्ज आपराधिक मामले में जमानत पर रिहा करने की मांग में यह अर्जी दाखिल की गई है।

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