इलाहाबाद हाईकोर्ट ने औराई भदोही के शराब व्यवसायी अजय कुमार जायसवाल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है और आजीवन कारावास की सजा को निलंबित कर,दिया है। अजय कुमार को आबकारी अधिनियम की धारा 60(1) एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 272, 467,व 468 के तहत अवैध देशी शराब बेचने के आरोप में अपर सत्र न्यायाधीश भदोही ज्ञानपुर ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जिसके खिलाफ अपील दाखिल की गई है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने अजय कुमार जायसवाल की अपील पर उनकी पत्नी कुसुम लता की अर्जी की सुनवाई करते हुए दिया है। अर्जी में कहा गया है कि आरोपी की पुत्री की शादी 26 अप्रैल 20 को होने जा रही है।
कामधाम देखने के लिए परिवार में अन्य कोई पुरुष सदस्य नहीं है। कोर्ट ने पत्रावली के तथ्यों पर विचार करते हुए जमानत मंजूर कर ली है। याची का कहना था कि पुलिस छापे में घर से अवैध देशी शराब की बरामदगी हुई। उस समय आरोपी मुंबई में था। ट्रायल कोर्ट ने उसके गवाहों पर विचार किये बगैर दोषी करार दिया और सजा सुनाई है। वह सजा के दिन 17 दिसंबर 19 से जेल में बंद हैं। उसका कोई आपराधिक इतिहास नही है।