कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में बंद इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अगले सप्ताह से आंशिक रूप से खोला जाएगा। इस दौरान लगभग आधा दर्जन न्यायपीठ बिठाने का निर्णय लिया गया है। लघु आपराधिक मामलों से संबंधित जमानती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण न हो सकने के कारण वकीलों की ओर से इस संबंध में बार-बार अनुरोध किया जा रहा था। वकीलों के ‘मेंशन’ की खासी संख्या को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश की सहमति से यह निर्णय लिया गया है कि मंगलवार से उनकी पीठ के अलावा आधा दर्जन एकल पीठ भी बैठेंगी।
न्यायमूर्ति सुनीत कुमार, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ, न्यायमूर्ति जेजे मुनीर, न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह एवं न्यायमूर्ति उमेश कुमार की एकल पीठ लघु आपराधिक मामलों से संबंधित 18 व 19 मार्च के सूचीबद्ध जमानती प्रार्थना पत्रों का निस्तारण करेंगी।
इस प्रक्त्रिस्या में वकीलों का सहयोग ई.मेल के जरिए लिया जाएगा । वकीलो को अदालत जाने की आवश्यक्ता नहीं होगी। वह लिखित बहस दाखिल कर सकेंगे। अगले सप्ताह आपराधिक याचिकाओं पर सुनवाई के लिए दो न्यायाधीशों की एक खंडपीठ भी बैठेगी। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा एवं न्यायमूर्ति समित गोपाल की यह खंडपीठ गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग में दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करेगी ।