इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आदेश की अवहेलना पर अलीगढ़ के एसएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। साथ ही मामले में डीजीपी को भी हस्तक्षेप करने के लिए कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने दिया है। टप्पल थाने में याचिकाकर्ता योगेश के खिलाफ विभिन्न आरोपों में एफआईआर दर्ज है। उन्होंने चार्जशीट और समन आदेश को रद्द करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इससे पहले 16 अक्तूबर 2024 को एक समन्वय पीठ ने मामले में राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। आवेदक के खिलाफ कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। हालांकि, कई महीने बीतने के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई जवाब दाखिल नहीं किया गया।
कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसएसपी को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करने को कहा था कि पूर्व के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया। इसके बावजूद सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्हें पुलिस की ओर से अभी तक कोई निर्देश या हलफनामा प्राप्त नहीं हुआ है। इस पर हाईकोर्ट ने एसएसपी को 13 अप्रैल को उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का अंतिम अवसर दिया है। साथ ही डीजीपी को निर्देशित किया गया है कि वे संबंधित अधिकारी के इस आचरण और लापरवाही पर अपने स्तर से कार्रवाई करें। मामले की अगली सुनवाई तक आवेदक के खिलाफ अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी।