हाईकोर्ट के अधिवक्ता पर हुए जानलेवा हमले में शामिल अभियुक्तों की गिरफ्तारी न होने पर कोर्ट सख्त है। इस मामले को लेकर दाखिल याचिका पर कोर्ट ने प्रदेश सरकार से जानकारी मांगी है। पूछा है कि पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं? मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी हुई या नहीं? भूपेंद्र पांडेय की याचिका पर न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा और न्यायमूर्ति इफाकत अली खान की पीठ सुनवाई कर रही है।
मामले के अनुसार एक फरवरी 2019 को याची भूपेंद्र पांडेय अपने मित्रों के साथ रसूलाबाद में रहने वाले अधिवक्ता विनोद शंकर त्रिपाठी से मिलने गए। वहां से सभी लोग बाल विद्या मंदिर विद्यालय किसी काम से जा रहे थे। रास्ते मेें बाइक लगाकर खड़े युवकों से किसी को लेकर उनकी कहासुनी हो गई। कुछ देर में कई युवक आ गए और वकीलों की सफारी गाड़ी में तोड़फोड़ कर दी तथा अधिवक्ता विनोद शंकर त्रिपाठी को गोली मार दी। गोली लगने से अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया।
पुलिस ने दो अभियुक्तों कार्तिकेय द्विवेदी और अनुतोष प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य अभियुक्त मोहित त्रिपाठी और अन्य नामजद अभियुक्त अभी तक गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि पुलिस इस मामले में सही तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही है। याचीगण पर समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। याचिका पर बृहस्पतिवार दो मई को अगली सुनवाई होगी।