याची ने एक पिछड़े वर्ग के लड़के से शादी कर ली है। हाईकोर्ट के समक्ष उसने याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष याची के परिवार केसदस्यों की ओर से आरोप लगाया गया था कि लड़के की ओर से अपहरण किया गया है। इस पर कोर्ट ने लड़की से उसका पक्ष सुनने का फैसला किया और कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतर्जातीय विवाह करने वाली लड़की का अधिवक्ता के चैंबर से अपहरण होने पर हैरानी जताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण कहा है और प्रयागराज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व जौनपुर के पुलिस अधीक्षक को जांच कर अपहृत लड़की को पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 17 मई की तिथि भी सुनिश्चित की है। यह आदेश न्यायमूर्ति उमेश कुमार की पीठ ने अंकिता मिश्रा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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याची ने एक पिछड़े वर्ग के लड़के से शादी कर ली है। हाईकोर्ट के समक्ष उसने याचिका दाखिल कर सुरक्षा की मांग की थी। पिछली सुनवाई में कोर्ट के समक्ष याची के परिवार केसदस्यों की ओर से आरोप लगाया गया था कि लड़के की ओर से अपहरण किया गया है। इस पर कोर्ट ने लड़की से उसका पक्ष सुनने का फैसला किया और कोर्ट के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया।
20 अप्रैल को सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता ने कोर्ट में जानकारी दी कि प्रतिवादियों ने 20 से अधिक बदमाशों को लेकर उनके कक्ष को घेर लिया और लड़की का अपहरण कर लिया। इसलिए याची कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हो सकती है। न्यायालय ने इसे बहुत ही आश्चर्यजनक और दुर्भाग्यपूर्ण कहा। कहा कि अधिवक्ता कक्ष से लड़की का जबरन अपहरण कर लिया। कोर्ट ने प्रयागराज के एसएसपी और जौनपुर केएसपी को जांच करने का निर्देश दिया। कहा कि अगली तिथि पर लड़की को कोर्ट में पेश करें।