इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दरोगा भर्ती-2025 का नियुक्ति पत्र जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही सुनवाई के लिए अगली तिथि 9 अक्तूबर नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति अनीस कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने अलीगढ़ निवासी श्याम सुंदर व दो अन्य, यश पांडेय व 44 अन्य की याचिका पर दिया है।
उत्तर प्रदेश पुलिस में उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, प्लाटून कमांडर पीएसी और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी सहित अन्य संबंधित 4543 पदों (दरोगा भर्ती-2025) पर भर्ती निकाली गई थी। याचियों का आरोप है कि दरोगा भर्ती में लिखित परीक्षा के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने प्रोविजनल आंसर-की जारी की थी। इसके बाद जिस दिन लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया गया उसी दिन अंतिम उत्तर कुंजी भी जारी कर दी गई।
अंतिम उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के उत्तर बदल दिए गए थे। याचियों का आरोप था कि अंतिम उत्तर कुंजी में कई प्रश्नों के सही उत्तर को बदल दिया गया। इससे कई अभ्यर्थी कुछ अंकों के अंतर से सफल या असफल हो गए हैं। इसे लेकर भर्ती बोर्ड के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराई थी। आपत्तियों पर सुनवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
याची अधिवक्ता संजय यादव ने कोर्ट को बताया कि दरोगा भर्ती-2025 की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण कराने के बाद अंतिम परिणाम भी जारी कर दिया गया है। शासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार मुख्यमंत्री की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को जल्द ही नियुक्ति पत्र वितरित किया जाना प्रस्तावित है।
इस पर कोर्ट ने नियुक्ति पत्र वितरण पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही सुनवाई के लिए अगली तिथि 9 अक्तूबर नियत की है। वहीं प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए है।
दरोगा के 4,543 पदों पर होनी है भर्ती
उप्र उप निरीक्षक नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती 2025 का विज्ञापन 12 अगस्त 2025 को जारी किया गया था। इसमें कुल 4,543 पदों पर भर्ती की जानी है। इस भर्ती में करीब 15.75 लाख आवेदन प्राप्त हुए थे। 14 और 15 मार्च को लिखित परीक्षा हुई थी। लगभग 10.77 लाख अभ्यर्थी शामिल हुई थे। परीक्षा का परिणाम 7 मई 2026 को जारी किया गया था।