चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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हाईकोर्ट ने नोएडा के बिल्डरों की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि दर्ज प्राथमिकी में पुलिस रिपोर्ट लगने तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाए। याची को विवेचना में सहयोग करने और विवेचना शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया है।
जयदेव, मंजीत सिंह और अन्य की याचिकाओं पर न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा ने सुनवाई की। याची के अधिवक्ता दिलीप कुमार पांडेय का कहना था कि याचीगण के खिलाफ कासना थाने में प्राथमिकी दर्ज है। इन पर आबादी की जमीन पर 500 दुकानें और शोरूम कांपलेक्स बनाकर बेचने का आरोप है। नोएडा के अधिकारियों ने अवैध निर्माण और धोखाधड़ी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है। अधिवक्ता की दलील थी कि प्राथमिकी छह वर्ष के विलंब से दर्ज कराई गई है। सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। कोर्ट ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग नामंजूर कर दी, मगर गिरफ्तारी करने पर रोक लगा लगाई है।