इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश की सभी निचली अदालतों, न्यायाधिकरणों, परिवार न्यायालयों को मुकदमों में लिए जाने वाले बयान, आदेश को सही तरीके से लिखने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि आदेश के बावजूद अगर जिम्मेदार अफसर या कर्मचारी ऐसा नहीं करता है तो उसे कदाचार की श्रेणी में रखा जाएगा और उससे स्पष्टीकरण लेते हुए उसके खिलाफ करवाई की जाएगी। यह आदेश हाईकोर्ट के महानिबंधक आशीष गर्ग की ओर से जारी किया गया है।
आदेश में कहा गया है कि कुछ मामलों में ऐसा देखने को मिला है कि निचली अदालतों में लिखे जाने वाले गवाहों या पीड़ितों के बयान सही तरीके से नहीं लिखे गए हैं। यही हाल आदेशों के मामले में भी है। ऑर्डरशीट भी अपठनीय है।