देश में अविलंब लागू हो समान नागरिक संहिता
‘हिंदू राष्ट्र भारत’ के अभियान को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं की बड़ी फौज तैयार की जाएगी। प्रतिरोधात्मक शक्ति के तौर पर अगले तीन वर्षों में 18 से 25 वर्ष तक की आयु के तकरीबन एक करोड़ युवाओं को अभियान से जोड़ा जाएगा।
काशी सुमेरू पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज ने यह भी कहा कि युवाओं के माध्यम से देशवासियों को अपने संबोधन, अपनी पहचान, अपने पते और परिचय केतौर पर ‘हिंदू राष्ट्र भारत’ बोलने और लिखने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इसके लिए शहर से लेकर गांव-गांव तक अभियान चलेगा। साथ ही सरकार से एक बार पुन: अनुरोध किया जाएगा कि देश में समान नागरिक संहिता अविलंब लागू हो। जो कोई भी हिंदू राष्ट्र भारत का नागरिक होगा, उसे समान सम्मान और सुरक्षा मिलेगी। सभी सुरक्षित और संरक्षित रहेंगे।