इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक साथ चल रही दो पुलिस भर्ती प्रक्रियाओं में चयनित अभ्यर्थियों का एक भर्ती की चयन सूची से नाम न हटाए जाने के मामले में जवाब तलब किया है। न्यायालय ने संबंधित पक्षों को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई सात अगस्त को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति मनीष कुमार निगम ने प्रयागराज के सौरभ पाल व अन्य की याचिका पर दिया है। याची अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर सीधी भर्ती-2023 का विज्ञापन 28 दिसंबर 2023 को जारी किया गया था। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर श्रेणी-ए भर्ती-2023 का विज्ञापन 29 दिसंबर 2023 को जारी हुआ था।
दोनों की चयन प्रक्रिया भी लगभग एक साथ पूरी हुई। पुलिस उपनिरीक्षक और सहायक उपनिरीक्षक भर्ती का अंतिम परिणाम 26 मार्च 2026, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर श्रेणी-ए का परिणाम सात फरवरी 2026 को जारी हुआ था।
दोनों परिणामों का मिलान करने पर 200 से अधिक अभ्यर्थी ऐसे मिले हैं, जिनका चयन दोनों भर्तियों में हुआ है। अधिकतर अभ्यर्थी अधिक वेतनमान वाले पद पर नियुक्ति ले लेते हैं और दूसरी भर्ती में शामिल नहीं होते। ऐसे अभ्यर्थियों का नाम चयन सूची से हटाकर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए।