फर्जी स्टाम्प पेपर पर बैनामा मामले में अधिवक्ता को मिली जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फर्जी स्टाम्प पेपर पर बैनामा कराने के आरोप से जुड़े एक मामले में अधिवक्ता को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने एक अधिवक्ता की जमानत अर्जी पर दिया। अधिवक्ता के खिलाफ मेरठ के सिविल लाइंस थाने में धोखाधड़ी और जालसाजी समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि एक जमीन की बिक्री का बैनामा फर्जी स्टाम्प पेपर पर कराया गया। मामले में स्टाम्प विक्रेता समेत कई को आरोपी बनाया गया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी कि याची ने केवल अधिवक्ता के रूप में पहचान की भूमिका निभाई थी। फर्जी स्टाम्प पेपर खरीदने का आरोप सह-आरोपी स्टाम्प विक्रेता पर है, जिसे पहले ही हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा, बैनामा कराने वाले खरीदार ने बाद में स्टाम्प शुल्क जमा कर दिया है, जिससे सरकार को कोई आर्थिक नुकसान नहीं हुआ। साथ ही मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। याची 10 जनवरी 2025 से जेल में है और अब पूछताछ के लिए हिरासत जरूरी नहीं है।