क्रिया योग संस्थान के संचालक योगी सत्यम को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। उनके खिलाफ झूंसी थाने में दर्ज दुष्कर्म के मुकदमे में कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। मगर, यह शर्त होगी कि सत्यम बिना इजाजत जिला छोड़कर नहीं जाएंगे। योगी सत्यम के खिलाफ यौन शोषण और दुष्कर्म का मामला दर्ज है। प्राथमिकी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। याचिका पर न्यायमूर्ति विपिन सिन्हा और न्यायमूर्ति अजीत सिंह की पीठ ने सुनवाई की।
याचिका पर सत्यम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जीएस चतुर्वेदी और पीड़िता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमडी सिंह शेखर और वीकेएस परमार ने बहस की। बचाव पक्ष का कहना था कि आरोप लगाने वाली की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। दूसरी ओर पीड़िता के वकीलों का कहना था कि उसकी मानसिक स्थिति एकदम ठीक है। उसने पुलिस को जो बयान दिया है उसमें आश्रम के अन्य संवासिनियोें और खुद उसके उत्पीड़न का पूरा ब्यौरा है। योगी सत्यम ने कोर्ट को इस बात का भरोसा दिया है कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे तथा अदालत जो भी निर्देश देगी उसका पालन करेंगे। कोर्ट ने कहा कि वह गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और बिना अनुमति जिला छोड़कर नहीं जाएंगे। इन शर्तों के साथ उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई है।