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UP : फर्रुखाबाद मामले में हाईकोर्ट ने फैसला किया सुरक्षित, एसपी ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर मांगी माफी

Wed, 15 Oct 2025 03:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

Allahabad High Court : बंदी प्रत्यक्षीकर मामले की सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। मामला फर्रुखाबाद जिले का है। जिसमें पुलिस याची ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। मामले की सुनवाई लगातार दूसरे दिन बुधवार को भी हुई। कोर्ट के समक्ष एसपी फर्रुखाबाद भी उपस्थित रहीं। 
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इलाहाबाद हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बुधवार को फर्रुखाबाद की एसपी आरती सिंह न्याय कक्ष में हाजिर हुईं। उन्होंने हलफनामा दाखिल कर क्षमा मांगी। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया। एसपी व अन्य अधिकारियों को उपस्थिति से छूट दे दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर व संजीव कुमार की खंडपीठ ने प्रीति यादव की ओर दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया है।

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फर्रुखाबाद निवासी प्रीति यादव ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। उनका आरोप था कि आठ सितंबर 2025 की रात नौ बजे थाना प्रभारी अनुराग मिश्रा, सीओ समेत चार-पांच पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए और दो सदस्यों को हिरासत में ले लिया। दोनों को एक सप्ताह तक हिरासत में रखा। आरोप लगाया कि इस दौरान उनसे एक लिखित बयान लिया कि किसी तरह की शिकायत नहीं करेंगे और कोई याचिका दाखिल नहीं की है।

सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रीति के लिखित बयान को प्रस्तुत किया तो कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए 14 अक्तूबर 2025 को एसपी, सीओ राजेश कुमार द्विवेदी और एसएचओ कायमगंज अनुराग मिश्रा का तलब किया था। साथ ही याची प्रति यादव को भी तलब किया था। याची ने मंगलवार को एसपी की उपस्थित में पुलिस उत्पीड़न के संबंध में न्यायालय के समक्ष बयान दर्ज कराया।
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इस बीच हाईकोर्ट के बाहर फर्रुखाबाद के अधिवक्ता अवधेश मिश्रा को हिरासत में लिए जाने का आरोप लगा। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बुधवार को एसपी आरती सिंह व अन्य पुलिस अधिकारी कोर्ट के समक्ष हाजिर हुए। एसपी की ओर हलफनामा दाखिल किया गया। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया।

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यह है पूरा मामला

मामला कायमगंज थाना क्षेत्र का है। आरोप है कि आठ सितंबर 2025 की रात नौ बजे थाना प्रभारी अनुराग मिश्रा, सीओ समेत चार-पांच पुलिसकर्मी उनके घर में घुस आए और दो सदस्यों को हिरासत में ले लिया। दोनों को करीब एक सप्ताह तक हिरासत में रखा। इस दौरान याची से एक लिखित बयान लिया गया कि हम किसी तरह की शिकायत नहीं करेंगे और हमने कोई याचिका दाखिल नहीं की है। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रीति के लिखित बयान को प्रस्तुत किया गया तो कोर्ट ने याची का शपथपूर्वक बयान दर्ज किया।
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