कोर्ट ने कहा, कफ सिरप ड्रक की श्रेणी में नहीं आता
कार्रवाई के बाद जांच अधिकारी ने दोनों प्रोपराइटर को समन कर उनके बयान लिए। दोनों ने जांच अधिकारी को सारे कागजात उपलब्ध कराए। इसके बाद जांच अधिकारी ने जौनपुर की विशेष अदालत में याचीगण सहित 10 अन्य लोगों के खिलाफ नारकोटिक्स एंड ड्रग कंट्रोल की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया।
याचीगण के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि कफ सिरप में ऐसा कोई कंपोनेंट/कंपोजिशन नहीं है, जिसके आधार पर इसे ड्रग की श्रेणी की माना जा सके। कफ सिरप की अनुमन्य डोज पांच मिलीग्राम है। इसमें मात्र 10 मिलीग्राम कोडाइन फास्फेट हैै।
यह मात्रा केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित अनुमन्य मात्रा में मानी जाएगी और अपवादों की सूची में शामिल है। कोर्ट ने उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के बाद निर्णय दिया कि कफ सिरप ड्रग की श्रेणी में नहीं आता है। साथ ही जौनपुर की विशेष अदालत में चल रही कार्यवाही को रद कर दिया है।