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Verdict : हत्या के मामले में 12 साल से जेल में रह रहे दोषी को हाईकोर्ट ने किया रिहा

Sat, 10 Dec 2022 11:54 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों की संपूर्णता व अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए निचली अदालत द्वारा उम्रकैद के लिए दी गई सजा बहुत कठोर है। दोषी 12 साल की सजा को काट चुका है, जो कि पर्याप्त है।
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न्यायालय - फोटो : social media
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में 12 साल से जेल की सजा काट रहे व्यक्ति को रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि आपराधिक न्याय प्रणाली में अंतर्निहित सुधारात्मक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए अनुचित कठोरता से बचा जाना चाहिए। कोर्ट ने याची की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आजीवन कारावास की सजा को कम कर दिया और उसे रिहा करने का आदेश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकर और न्यायमूर्ति अजय त्यागी की खंडपीठ ने मनोज शर्मा की अपील पर दिया है।

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कोर्ट ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों की संपूर्णता व अपराध की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए निचली अदालत द्वारा उम्रकैद के लिए दी गई सजा बहुत कठोर है। दोषी 12 साल की सजा को काट चुका है, जो कि पर्याप्त है।


मामले में याची पर दहेज के लिए अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोप में हापुड़ के देहात थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। निचली अदालत ने 302 और 304बी के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार कर लिया और उसे 12 साल जेल की सजा को पर्याप्त मानते हुए रिहा करने का आदेश दिया।

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