उत्तर प्रदेश में होने जा रहे क्षेत्र एवं जिला पंचायत चुनाव में ऑनलाइन नामांकन की सुविधा देने और इसके लिए मौजूदा कानून में संशोधन की मांग में दाखिल याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि याची अदालत से कानून बनवाना चाहता है जो फिलहाल अनुमन्य है। याची चाहे तो इस मामले को उचित फोरम पर उठा सकता है।
गोपाल कृष्ण पांडेय की जनहित याचिका पर मुख्य न्यायमूर्ति गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की पीठ ने सुनवाई की। याची का कहना था कि पंचायत चुनाव दिसंबर में होने की संभावना है। वर्तमान में कोरोना महामारी को देखते हुए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को ऑनलाइन नामांकन की सुविधा दी जाए।
क्योंकि परंपरागत नामांकन से भीड़ होने और संक्रमण बढ़ने का खतरा है। इसमें कोरोना को लेकर जारी गाइड लाइन का पालन भी नहीं हो पाएगा। याची का यह भी कहना था कि ऑनलाइन नामांकन के लिए मौजूदा पंचायत चुनाव कानून में आवश्यक संशोधन किए जाएं ताकि ऑनलाइन नामांकन करना संभव हो सके। कोर्ट ने याची की दोनों मांगों को नामंजूर करते हुए याचिका में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है।