पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें फल, सब्जी बेचने का लाइसेंस दिया गया है। टीन की दुकान बनाने का अधिकार नहीं दिया गया है। सड़क किनारे कब्जा करने का लाइसेंस नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंदौली में जीटी रोड से पटरी दुकानदारों की बेदखली नोटिस के खिलाफ याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। साथ ही कहा कि याची विपक्षी अधिकारियों के समक्ष पुनर्वास के लिए अर्जी दे, जिस पर वह नियमानुसार निर्णय लें। यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता व न्यायमूर्ति समीर जैन की खंडपीठ ने सुजीत कुमार व 25 अन्य फल सब्जी विक्रेताओं की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
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याचीगण का कहना था कि मंडी समिति ने उन्हें सड़क पटरी पर फल व सब्जी बेचने का लाइसेंस दिया है। इसके बावजूद उन्हें दुकान हटाने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर दुकान हटाकर खर्च वसूली की चेतावनी दी गई है। पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कोर्ट ने कहा कि उन्हें फल, सब्जी बेचने का लाइसेंस दिया गया है। टीन की दुकान बनाने का अधिकार नहीं दिया गया है। सड़क किनारे कब्जा करने का लाइसेंस नहीं है। इसलिए अधिकारियों से पुनर्वास का अनुरोध करें।