अलीगढ़ के क्वार्सी थाने में आवेदक पंकज की पत्नी ने उसपर व उसके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच करने के बाद 16 अगस्त 2018 को केवल आवेदक, उसके पिता और उसकी मां के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्नी की ओर से पति व अन्य पर दहेज उत्पीड़न सहित अन्य धाराओं में दर्ज कराए गए मुकदमे को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पत्नी की ओर से पति पर बहुप्रचलित आरोप लगाए थे, जिसका पर्याप्त हिस्सा जांच में झूठा मिला है। न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की कोर्ट ने पंकज की ओर से दाखिल अर्जी पर यह आदेश दिया है। अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व विभु राय ने पक्ष रखा।
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अलीगढ़ के क्वार्सी थाने में आवेदक पंकज की पत्नी ने उसपर व उसके परिवार के पांच सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच करने के बाद 16 अगस्त 2018 को केवल आवेदक, उसके पिता और उसकी मां के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
ट्रायल कोर्ट ने 14 जनवरी 2019 को संज्ञान लिया और समन जारी किया। शुरूआत में न्यायालय ने मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा था। लेकिन मध्यस्थता रिपोर्ट के अनुसार पक्ष किसी भी समझौते को तैयार नहीं हुए। इसके बाद आवेदक ने मुकदमा व इसकी पूरी कार्रवाई को रद्द करने कि लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई।
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याची के वकील विभु राय ने दलील दी कि आवेदक व उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ सामान्य और बहुप्रचलित आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान दर्ज किए गए शिकायतकर्ता और गवाहों के बयानों का बड़ा हिस्सा झूठा पाया गया। कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए दर्ज मुकदमे को रद्द कर दिया।