High court quashed treason sentence pronounced by session court
सेशन कोर्ट द्वारा द्वारा सुनाई गई देशद्रोह की सजा को हाईकोर्ट ने किया रद्द
प्रयागराज। मुजफ्फरनगर सेशन कोर्ट से मिली देशद्रोह की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल एवं न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने की है।
मुजफ्फरनगर जिला सत्र न्यायालय के एडीजे सीके कुलश्रेष्ठ ने मोहम्मद वारिश उर्फ रजा और अशफाक उर्फ नन्हे को देशद्रोह के आरोप में सुनाई थी। इस निर्णय को दोनों ने बरेली सेंट्रल जेल के जेलर के माध्यम इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उच्च न्यायालय ने दोनों की फॉरेन एक्ट और अशफाक की आर्म्स एक्ट की सजा पर मुहर लगाते हुए उनकी अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर ली है। दोनों को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश मुजफ्फनगर ने 18 मई 2017 के अपने निर्णय में आईपीसी की धारा 121 के तहत अपराध के लिए उम्रकैद व एक-एक लाख रुपये, धारा 121ए व 122 के लिए 10-10 वर्ष कैद व 10-10 हजार रुपये, धारा 123 के लिए 7-7 वर्ष व 7-7 हजार रुपये, 13 व 14 फॉरेन एक्ट में 3-3 वर्ष कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माना तथा अशफाक को आर्म्स एक्ट में दो वर्ष कैद व दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।