अपीलार्थी के अधिवक्ता का कहना था कि घटना के समय वह जवान था। अब काफी उम्र हो चुकी है। अधिकतम सात साल की सजा का प्रावधान है। उसने पांच साल जेल में काट लिए है। सजा कम कर उसे सुधरने का अवसर दिया जा सकता है। अपीलार्थी को सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने 25 जनवरी 17 को सजा सुनाई थी। तभी से आरोपी जेल में बंद है, जिसे अपील में चुनौती दी गई थी।
अपीलार्थी के अधिवक्ता ने केवल सजा के मुद्दे पर बहस की और कोर्ट से उदारता बरतने की गुजारिश की। जिस पर कोर्ट ने नरम रुख अपनाया और जेल में बिताए समय तक सजा सीमित कर दी। अपीलार्थी के खिलाफ देहरादून में सीबीआई ने एफ आई आर दर्ज कराई थी, जिसका ट्रायल गाजियाबाद सीबीआई कोर्ट में किया गया। सत्यदेव सिंह पर षड्यंत्र धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार सहित कई आरोप लगाए गए थे।