इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस भर्ती में लंबाई कम होने के आधार पर अभ्यर्थी की उम्मीदवारी खारिज किए जाने के मामले में महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। कोर्ट ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ), कानपुर नगर को तत्काल मेडिकल बोर्ड गठित कर अभ्यर्थी की लंबाई का दोबारा मापन कराने तथा 29 जून 2026 को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकलपीठ ने कानपुर नगर निवासी अर्चना की याचिका पर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि याचिकाकर्ता का दावा गलत पाया गया तो उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।
याचिका में अभ्यर्थी ने बताया कि उसने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली थी। लेकिन, शारीरिक परीक्षण के दौरान उसकी लंबाई 152 सेंटीमीटर की निर्धारित पात्रता से अधिक 152.1 सेंटीमीटर होने के बाद भी बिना लिखित सूचना के उम्मीदवारी निरस्त कर दी गई। याचिकाकर्ता ने यह भी बताया कि पूर्व की भर्ती प्रक्रिया में वह इसी मानक पर शारीरिक परीक्षण पास कर चुकी थी। उसने पूर्व के एक न्यायिक आदेश का हवाला देते हुए दोबारा मापन की मांग की। शारीरिक दक्षता परीक्षा 29 जून से 1 जुलाई 2026 के बीच प्रस्तावित है। कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद तत्काल मेडिकल बोर्ड गठित कर अभ्यर्थी की लंबाई के पुनर्मापन और 29 जून को सुबह 10 बजे अदालत में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।