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High Court Order : गाजियाबाद बार एसोसिएशन के चुनाव को रद्द कराने वाली याचिका खारिज

Thu, 14 Jul 2022 10:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

याची की ओर से तर्क दिया गया कि 10 जनवरी 2022 को हुआ चुनाव नियमों के विपरीत है। याची की ओर से उसकी ओर से उठाई गई आपत्ति को निस्तारित किया जाना चाहिए। जवाब में सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि  बार एसोसिएशन के चुनाव को न्यायालय के समक्ष चुनौती नहीं दी जा सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजियाबाद बार एसोसिएशन के चुनाव को रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिका मेरिट के आधार पर सुनवाई योग्य नहीं है। इसलिए याचिका खारिज की जाती है। यह आदेश न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने अधिवक्ता आदेश कुमार व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।

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याची की ओर से तर्क दिया गया कि 10 जनवरी 2022 को हुआ चुनाव नियमों के विपरीत है। याची की ओर से उसकी ओर से उठाई गई आपत्ति को निस्तारित किया जाना चाहिए। जवाब में सरकारी अधिवक्ता ने कहा कि  बार एसोसिएशन के चुनाव को न्यायालय के समक्ष चुनौती नहीं दी जा सकती है। चुनाव केे संबंध में आपत्तियां हैं तो उसे सोसाइटी के सदस्यों के द्वारा उठाया जाना चाहिए। सरकारी अधिवक्ता ने याचिका को पोषणीय नहीं बताया। इस पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया। 

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डायजापाम के साथ पकड़े गए आरोपी को छह माह की सजा
जीआरपी थानाक्षेत्र के अंतर्गत नशीला पदार्थ डायजापाम की तश्करी करने वाले आरोपी अशोक कुमार रैदास को एनडीपीएस की विशेष अदालत ने बृहस्पतिवार को छह माह की सजा सुनाई है। यह आदेश विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) भारत सिंह यादव ने अभियुक्त के वकील और सहायक शासकीय अधिवक्ता श्रीप्रकाश शुक्ला के तर्कों को सुनकर दिया।


मुकदमा वादी उपनिरीक्षक मिथिलेश ने दिनांक छह नवम्बर 2011 को रेलवे प्लेटफार्म पर गिरफ्तार करके प्राथमिकी दर्ज कराई और आरोप लगाया कि अभियुक्त अशोक कुमार रैदास रेलवे प्लेटफार्म पर नशीले पदार्थ की बिक्री कर रहा है। संदेह होने पर उसे पकड़ा गया और जामातलाशी लेने पर उसके पास से 110 ग्राम डायजापाम बरामद हुआ है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई कि अभियुक्त को कम से कम सजा दी जाए। जबकि, अभियोजन ने घोर विरोध में तर्क दिया कि आरोपी दोषसिद्ध हुआ है। आरोपी को अधिकतम सजा दी जाए। मामले के तथ्यों, परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखकर विशेष कोर्ट ने उक्त आरोपी को छह माह की सजा से दंडित किया।
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