High Court News : पति-पत्नी के बीच सामान्य अनबन को गर्भ में पल रहे बच्चे का जीवन समाप्त करने का आधार नहीं माना जा सकता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मां की शारीरिक स्वायत्तता के साथ अजन्मे बच्चे के जीवन के मौलिक अधिकार की भी रक्षा जरूरी है। भदोही की 24 वर्षीय महिला ने पति और ससुरालवालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए 20 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति मांगी थी, लेकिन स्वस्थ भ्रूण और मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने याचिका खारिज कर दी।