चंद्रप्रकाश की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई कर रही दो जजो की खंडपीठ ने कहा कि कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया है लेकिन, उसकी पेंशन 2010 से नहीं दी जा रही है। इसके लिए उसने रेलवे अफसरों से गुहार लगाई लेकिन, उन्होंने नजरअंदाज किया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त कर्मचारी को अस्थायी पारिवारिक पेंशन का लाभ न देने पर सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मामले में पूर्वोत्तर रेलवे के जनरल मैनेजर (जीएम) को तलब किया है। कोर्ट ने कहा है कि जिम्मेदार अफसर मामले को देखकर सकारात्मक निर्णय लें। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 22 दिसंबर को तय की है।
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चंद्रप्रकाश की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई कर रही दो जजो की खंडपीठ ने कहा कि कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गया है लेकिन, उसकी पेंशन 2010 से नहीं दी जा रही है। इसके लिए उसने रेलवे अफसरों से गुहार लगाई लेकिन, उन्होंने नजरअंदाज किया। कोर्ट ने याची को तीन महीने के भीतर अस्थायी पारिवारिक पेंशन देने का आदेश दिया था, लेकिन अधिकारियों ने उसका पालन नहीं किया।
कोर्ट ने इस पर नाराजगी जताई और पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम को तलब कर लिया। याची के अधिवक्ता ने कहा कि याची किडनी की बीमारी से परेशान है और उसे चिकित्सकीय सेवाओं की सख्त जरूरत है। अस्थायी पेंशन का लाभ न मिलने की वजह से वह चिकित्सकीय खर्चों का वहन करने में सक्षम नहीं है। इस पर कोर्ट ने पूर्वोत्तर रेलवे के रवैये पर नाराजगी जताई और रेलवे के अधिवक्ता से जिम्मेदार अफसर के बारे में जानकारी कर जीमए को तलब कर लिया। जीएम को 22 दिसंबर को कोर्ट में उपस्थित रहना होगा।