शिक्षा सेवा अधिकरण लखनऊ में स्थापित किए जाने का विरोध कर रहे हाईकोर्ट के वकीलों ने शनिवार को भी न्यायिक कार्य नहीं किया। अधिवक्ता आंबेडकर मूर्ति चौराहे पर दिन में 11 बजे एकत्र हुए और शिक्षा सेवा अधिकरण बिल की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया।
वकीलों के आंदोलन का नेतृत्व हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय और महासचिव जेबी सिंह कर रहे हैं। हालांकि अधिवक्ताओं ने सोमवार से न्यायिक कार्य करते हुए क्रमिक अनशन का निर्णय लिया है।
बार एसोसिएशन के लाइब्रेरी हॉल में हुई आमसभा में तय किया गया कि अधिवक्ता अपने आंदोलन को व्यापक रूप देते हुए प्रयागराज से तमाम सरकारी कार्यालयों और महत्वपूर्ण संस्थाओं को लखनऊ ले जाने का विरोध करेंगे। इसके लिए रविवार को शहर के गणमान्य नागरिकों, संगठनों, राजनीतिक दलों के साथ एक बैठक बुलाई गई है। इसमें शिक्षक, व्यापारी संगठनों के अलावा स्थानीय सांसद और विधायक भी शामिल होंगे। बैठक में प्रयागराज के स्वर्णिम गौरव को वापस स्थापित करने पर चर्चा होगी।
बैठक में कहा गया कि प्रयागराज की तमाम महत्वपूर्ण संस्थाओं को एक-एक कर यहां से ले जाया जा रहा है, ताकि इसका महत्व समाप्त किया जा सके। आंदोलन की अगली रणनीति पर रविवार को होने वाली बैठक के बाद निर्णय लिया जाएगा।
बार एसोसिएशन की बैठक में अखिलेश कुमार मिश्र, वीरेंद्र नाथ, श्रीकांत केसरवानी, अजीत कुमार यादव, सौरभ तिवारी, विजय सिंह, प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश कुमार दुबे, नीलम शुक्ला, सुरेंद्र मिश्र सहित कार्यकारिणी के तमाम पदाधिकारियों के अलावा पूर्व अध्यक्ष आरके ओझा, आईके चतुर्वेदी सहित बड़ी संख्या में पूर्व पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद थे।