फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : गिरफ्तारी का आधार न बताने पर हत्या के आरोपी को दी जमानत, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली जताई चिंता

Thu, 04 Jun 2026 04:03 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है। कहा कि गिरफ्तारी का आधार आरोपी को न बताना और बरामदगी से संबंधित पंचनामा तैयार न करना प्रक्रियात्मक खामी है।
विज्ञापन
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर चिंता जताई है। कहा कि गिरफ्तारी का आधार आरोपी को न बताना और बरामदगी से संबंधित पंचनामा तैयार न करना प्रक्रियात्मक खामी है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने यह टिप्पणी हत्या के आरोपी संदीप बसोया की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की।

विज्ञापन


गाजियाबाद निवासी याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी को लिखित रूप से गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए। साथ ही उसके कथित खुलासे पर अवैध तमंचे की बरामदगी से पहले पुलिस स्टेशन में कोई पंचनामा भी तैयार नहीं किया गया। राज्य सरकार की ओर से पेश एजीए ने भी इस तथ्य का खंडन नहीं किया।

अदालत ने कहा कि बरामदगी के लिए रवाना होने से पहले पुलिस स्टेशन में आरोपी के हस्ताक्षरयुक्त पंचनामा तैयार करना अनिवार्य है। कोर्ट ने विहान कुमार बनाम हरियाणा राज्य मामले का हवाला दिया। स्पष्ट किया कि गिरफ्तारी के समय व रिमांड आदेश से कम से कम दो घंटे पूर्व आरोपी को लिखित रूप में गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराना आवश्यक है। कोर्ट ने गाजियाबाद सीजेएम की ओर से प्रिंटेड प्रोफार्मा के इस्तेमाल पर भी नाराजगी जताई और भविष्य में अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें