ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से जमीन पट्टे पर लेने वाले पट्टेदारों से अतिरिक्त मुआवजे की मांग को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिकाएं दायर की गई हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बंच केस की करीब 200 फाइलों का पता नहीं चलने की बात कहकर रिपोर्ट भेजने पर सेक्शन अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने कहा कि हम यह नहीं स्वीकार कर सकते कि फाइलें नहीं मिल रही हैं। कार्यालय अपने कर्तव्यों से भाग रहा है, जानबूझ कर फाइलें नहीं भेजी हैं। न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की कोर्ट याचिका की सुनवाई कर रही है। ला रेजिडेंटिया डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से याचिका दायर की गई है।
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ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से जमीन पट्टे पर लेने वाले पट्टेदारों से अतिरिक्त मुआवजे की मांग को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिकाएं दायर की गई हैं। गजराज और अन्य बनाम यूपी राज्य और अन्य मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जीएनआईडीए को ग्रेटर नोएडा के 41 गांवों और नोएडा के 25 गांवों के भूमि मालिकों को अतिरिक्त मुआवजा देने का निर्देश दिया था। पट्टेदारों से अतिरिक्त मुआवजे की वसूली के विरुद्ध याचिकाएं दायर की गई हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाओं को सूचीबद्ध किया गया है। अदालत में फाइलें प्राप्त नहीं हुईं। इस पर कार्यालय ने रिपोर्ट भेजी है। इसमें कहा गया कि फाइलें नहीं मिल पा रही हैं। इस पर कोर्ट ने अनुभाग अधिकारी को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।