इससे नाराज होकर ग्रामीण गोपाल सिंह उर्फ बबलू,मोनू सिंह उसके गांव पहुंचे। वहां ब्लॉक प्रमुख के पक्ष में शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। इन्कार करने पर गालीगलौज, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारपीट की। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की तो 156(3) के तहत आवेदन दायर किया। संबंधित मजिस्ट्रेट ने आवेदन को कंप्लेन की तरह दर्ज किया। साथ ही एफआईआर दर्ज करने का निर्देश जारी करने की प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया। आवेदक ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी।
कोर्ट ने कहा कि अपराध की गंभीरता, अभियोजन शुरू करने के लिए साक्ष्य की आवश्यकता और न्याय के हित में 156(3) के तहत आदेश पारित करते समय विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने आवेदन स्वीकार करते हुए मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया।