18 जून 2013 को सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज परिक्षेत्र के निरीक्षक राम सुभग राम ने पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में आय से अधिक संपत्ति मामले में मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरोप लगाया गया था कि बसपा सरकार में मंत्री रहते उन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित की थी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की एकल पीठ कर रही है।
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18 जून 2013 को सतर्कता अधिष्ठान प्रयागराज परिक्षेत्र के निरीक्षक राम सुभग राम ने पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ मुट्ठीगंज थाने में आय से अधिक संपत्ति मामले में मुकदमा पंजीकृत कराया था। आरोप लगाया गया था कि बसपा सरकार में मंत्री रहते उन्होंने अकूत संपत्ति अर्जित की थी।
इस मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद जिला न्यायालय की एमपीएमएलए स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ तीन साल के कारावास और 10 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। विशेष अदालत ने 108 पन्नों पूर्व मंत्री के खिलाफ फैसला दिया था। फैसले के खिलाफ पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत कर रही है। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है।