हालांकि, बाद में तीर्थ यात्रियों को हो रही भारी परेशानी और प्रशासनिक गतिरोध को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आठ अगस्त 2025 को सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अशोक कुमार की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड मंदिर प्रबंधन समिति का गठन किया था। समिति की 11 सितंबर 2025 को हुई बैठक में दर्शन अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे 19 सितंबर 2025 को जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर, मथुरा की ओर से कार्यालय ज्ञापन जारी कर लागू किया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि नवंबर 2022 का स्थगन आदेश जिस संदर्भ में दिया गया था, वह उस स्थिति से भिन्न था, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति ने विचार-विमर्श कर निर्णय लिया। समिति ने सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त अधिकारों के तहत उचित प्रक्रिया अपनाते हुए फैसला लिया है और इसमें किसी भी प्रकार से हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना नहीं हुई है। कोर्ट ने कहा कि इसमें अवमानना का कोई मामला नहीं बनता और याचिका खारिज कर दी।