फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : किरायेदार की मौत के बाद सभी वारिसों को पक्षकार बनाना अनिवार्य नहीं

Fri, 17 Apr 2026 01:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदारी विवाद से जुड़े एक मामले में कहा कि किसी किरायेदार की मृत्यु के बाद बेदखली के मुकदमे में उसके सभी कानूनी वारिसों को पक्षकार बनाना जरूरी नहीं है।
विज्ञापन
अदालत - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने किरायेदारी विवाद से जुड़े एक मामले में कहा कि किसी किरायेदार की मृत्यु के बाद बेदखली के मुकदमे में उसके सभी कानूनी वारिसों को पक्षकार बनाना जरूरी नहीं है। मूल किरायेदार के निधन के बाद उसके उत्तराधिकारी संयुक्त किरायेदार माने जाते हैं। इसलिए किसी एक के खिलाफ चलाया गया मुकदमा भी सभी पर प्रभावी होगा। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव की एकल पीठ ने वाराणसी निवासी आशीष कुमार अग्रवाल की याचिका खारिज करते हुए की।

विज्ञापन


मामला चित्रकूट की जिला अदालत में दाखिल बेदखली वाद से जुड़ा है। जिसमें किरायेदार की मृत्यु के बाद उसके एक वारिस को पक्षकार बनाकर कार्यवाही आगे बढ़ाई गई थी। जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने निचली अदालत और पुनरीक्षण न्यायालय के आदेशों को सही ठहराते हुए ट्रायल कोर्ट को मामले के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि सुनवाई छह महीने के भीतर पूरी की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें