उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि अजय कुमार मुद्गल बनाम ब्रह्मदेव निदेशक उच्च शिक्षा में 28 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान निदेशक डॉ. ब्रह्मदेव न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए। प्रकरण डेथ ग्रेच्युटी से संबंधित था। मामले में निर्धारित समय में कार्यवाही न होने के कारण उच्च न्यायालय ने क्षोभ व्यक्त करते हुए तल्ख टिप्पणी की है।
उच्च शिक्षा निदेशक पद के योग्य नहीं।’ पारिवारिक पेंशन एवं ग्रेच्युटी के मामले में लापरवाही बरतने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की इस तल्ख टिप्पणी के बाद उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. ब्रह्मदेव ने बृहस्पतिवार को डिग्री पेंशन अनुभाग के प्रशासनिक अधिकारी और पटल सहायक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि दो दिनाें में साक्ष्य सहित जवाब नहीं दिया तो दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि अजय कुमार मुद्गल बनाम ब्रह्मदेव निदेशक उच्च शिक्षा में 28 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान निदेशक डॉ. ब्रह्मदेव न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए। प्रकरण डेथ ग्रेच्युटी से संबंधित था। मामले में निर्धारित समय में कार्यवाही न होने के कारण उच्च न्यायालय ने क्षोभ व्यक्त करते हुए तल्ख टिप्पणी की है।
उच्च शिक्षा निदेशक ने डिग्री पेंशन अनुभाग के प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार सोनकर को जारी नोटिस में कहा है कि विधि प्रकोष्ठ द्वारा अजय कुमार मुद्गल का जो प्रत्यावेदन 12 जून 2023 को प्रशासनिक अधिकारी को प्राप्त कराया गया था, वह पटल सहायक को किस दिन प्राप्त कराया गया और प्रकरण पर प्रशासनिक अधिकारी के स्तर पर क्या कार्यवाही की गई। निदेशक ने इसकी सूचना दो दिनों के अंदर साक्ष्य सहित उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
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वहीं, पटल सहायक शशांक श्रीवास्तव को जारी नोटिस में कहा गया है कि प्रशासनिक अधिकारी ने उन्हें प्रत्यावेदन किस दिन प्राप्त कराया और पटल सहायक स्तर से इस पर क्या कार्यवाही की गई। पटल सहायक को भी दो दिनों में साक्ष्य सहित सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही दोनों को चेतावनी दी गई है कि दो दिनों के अंदर सूचना न देने पर उनके विरुद्ध कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत कार्यवाही की जाएगी।