तीनों अधिकारियों ने एफआईआर को चुनौती देते हुए दलील दी कि शिकायतकर्ता अनुदान राशि पाने के लिए दलित उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करवाने का आदी है। वर्ष 2014 से 2023 के बीच कई के खिलाफ 12 मुकदमे दर्ज करवा चुके हैं। अब तक नौ मुकदमे में 27 लाख से ज्यादा अनुदान राशि हासिल की है। यह सभी मुकदमे इन्होंने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी के पद का दुरुपयोग कर दर्ज कराया है।
कोर्ट ने कहा ... प्रथम दृष्टया पद के दुरुपयोग का ज्वलंत उदाहरण
मामले से हैरान कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह एडीजीसी (क्रिमिनल) के पद के दुरुपयोग का ज्वलंत उदाहरण है। लिहाजा, प्रमुख सचिव गृह, झांसी के डीएम और एसएसपी मामले की गहनता से जांच कर उचित कार्यवाही करें। अगली सुनवाई 21 अक्तूबर को होगी।