याची का कहना था कि उसके पति भोजराज 30 जून 21 को सेवानिवृत्त हुए और दो अक्तूबर को मौत हो गई। वह महाराजा तेज सिंह जूनियर हाईस्कूल औरंध, सुल्तानगंज, मैनपुरी में सहायक अध्यापक थे। याची के मुताबिक लंबे समय से वह पत्नी के रूप में साथ रहती थी। पहली पत्नी बहुत पहले ही घर छोड़ कर चली गई थी। उसने गुजारे भत्ते का दावा किया और समझौता भी हो गया।
इसके बाद पहली पत्नी ने गुजारे का कोई दावा नहीं किया। इस प्रकार उन्होंने पति के सेवानिवृति परिलाभों पर अपना दावा छोड़ दिया था। कोर्ट ने इस तर्क को सही नहीं माना और कहा कि पत्नी को पति के सेवानिवृति परिलाभ पाने का अधिकार है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।